नैनीताल: कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डीएसबी (DSB) परिसर छात्रसंघ चुनाव के परिणाम सामने आते ही परिसर का माहौल भावुक हो उठा। अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान ने शानदार जीत दर्ज की। परिणाम की घोषणा के साथ ही सबसे भावुक पल उनकी मां बीना चौहान के लिए रहा, जिनकी आंखों से बेटे की सफलता पर खुशी के आंसू छलक पड़े।
बेटे को जिताने के लिए कॉलेज में लिया दाखिला, बिना चप्पल किया प्रचार
बीना चौहान ने न केवल अपने बेटे के चुनाव प्रचार की कमान संभाली, बल्कि विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव बनाने के लिए डीएसबी परिसर में एमए (राजनीति विज्ञान) में दाखिला तक ले लिया।
चुनाव प्रचार के दौरान वह लगातार कई दिनों तक बिना जूते-चप्पल पहने ही पूरे परिसर में घूम-घूमकर छात्र-छात्राओं के बीच जाती रहीं और बेटे के पक्ष में वोट मांगती रहीं। एक मां का यह अनूठा संघर्ष और समर्पण पूरे चुनाव के दौरान डीएसबी परिसर में कौतूहल और चर्चा का विषय बना रहा।
चुनावी आंकड़े: बड़े अंतर से दर्ज की जीत
अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान को छात्रों का एकतरफा समर्थन मिला:
- भानु प्रताप सिंह चौहान (निर्दलीय): 1,355 वोट (विजेता)
- शुभम कुमार (एबीवीपी समर्थित): 873 वोट
- हिमांशु आर्या: 283 वोट
भानु प्रताप ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी शुभम कुमार को 482 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी।
”बेटे का साथ देना मां का फर्ज, अब छात्रों की समस्याएं दूर करना प्राथमिकता”
जीत के बाद भावुक बीना चौहान ने कहा कि एक मां होने के नाते अपने बेटे के प्रयासों में उसका सहयोग करना उनकी जिम्मेदारी थी।
उन्होंने परिसर के मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि नए छात्रसंघ की पहली प्राथमिकता परिसर में खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं को बेहतर बनाना और बाहर से आने वाले नए विद्यार्थियों के प्रवेश (एडमिशन) से जुड़ी दिक्कतों का समाधान करना होना चाहिए।