मुख्यमंत्री का आह्वान— ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’; युवाओं से जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व करने की अपील
देहरादून |
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओएनजीसी के डॉ. बीआर अम्बेडकर ग्राउंड में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को ‘नशामुक्त उत्तराखण्ड’ की शपथ दिलाई और राज्य के युवाओं से नशे के खिलाफ इस जनजागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

स्वस्थ और सशक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज के निर्माण का एक दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सकता है और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन और इसके अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बिष्ट के प्रयासों की विशेष सराहना की।
“नशा सिर्फ एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी गर्त में धकेल देता है। युवाओं की ऊर्जा का सही उपयोग शिक्षा, खेल, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में होना चाहिए।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

सरकार और समाज के साझे प्रयासों से मिलेगी सफलता
नशे के अवैध कारोबार और इसकी लत से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने बहुस्तरीय रणनीति की बात कही:
- सख्त कार्रवाई और पुनर्वास: राज्य सरकार नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही पीड़ितों के उपचार, परामर्श (Counseling) और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह जंग केवल सरकार और पुलिस के बूते नहीं जीती जा सकती। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
- सकारात्मक जीवनशैली: उन्होंने युवाओं से खेल, योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने, अच्छी संगति चुनने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
देवभूमि का युवा देश के विकास का आधार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरों और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की पावन भूमि है। राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान कर रही है, ताकि उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग प्रदेश तथा देश की प्रगति में हो सके।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
इस अवसर पर राज्य के कई प्रमुख नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे:
- खजान दास (कैबिनेट मंत्री)
- सविता कपूर (विधायक)
- अशोक वर्मा (उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद)
- देवेन्द्र सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन)
- डॉ. विकास लोईवाल (अन्य गणमान्य अतिथि)
मुख्यमंत्री ने अंत में जोर देकर कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड का संकल्प किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर हर नागरिक के विचार और व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए।