श्रीनगर। पौड़ी जनपद क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय युवती की जान श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में समय रहते किए गए जटिल ऑपरेशन से बचा ली गई। युवती बीते दो दिनों से पेट में तेज़ और असहनीय दर्द के साथ-साथ लगातार उल्टी की गंभीर समस्या से जूझ रही थी, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
परिजन 31 जनवरी को युवती को श्रीनगर बेस अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू की। सीटी स्कैन रिपोर्ट में सामने आया कि मरीज की छोटी आंत आपस में उलझ चुकी थी, जिससे आंतों में रक्त प्रवाह बाधित हो गया था। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति अत्यंत खतरनाक होती है और समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
तीन घंटे चला जटिल ऑपरेशन
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बिना देरी किए तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। करीब तीन घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रावत एवं डॉ. धनंजय डोभाल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
ऑपरेशन टीम में ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. विवेक यादव (सीनियर रेजिडेंट) के साथ डॉ. रश्मि और डॉ. योगेंद्र बिष्ट शामिल रहे।
चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है। उसे निरंतर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
क्या है इंटससेप्शन बीमारी
इस संबंध में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रावत ने बताया कि तीव्र इंटससेप्शन (Acute Intussusception) एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से के अंदर चला जाता है। यह समस्या अधिकतर छोटे बच्चों और किशोरों में पाई जाती है, लेकिन कुछ मामलों में वयस्कों में भी यह बीमारी देखी जाती है, विशेषकर तब जब आंत में गांठ या ट्यूमर मौजूद हो।
उन्होंने बताया कि देर से इलाज मिलने पर आंत खराब हो सकती है और ऐसी स्थिति में आंत का हिस्सा निकालना पड़ता है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पेट दर्द, उल्टी या पेट से जुड़ी गंभीर समस्या हो, तो समय रहते कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन कराना बेहद जरूरी है, जिसकी सुविधा श्रीनगर बेस अस्पताल में उपलब्ध है।
जटिल सर्जरी में लगातार मिल रही सफलता
गौरतलब है कि श्रीनगर बेस अस्पताल में हाल के दिनों में जटिल सर्जरी के क्षेत्र में लगातार सफलताएं दर्ज की जा रही हैं। इससे पूर्व भी डॉ. विवेक यादव द्वारा 76 वर्षीय महिला के आंतों में टीबी से संबंधित एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था।
बेस अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और अनुभवी चिकित्सकों की टीम के माध्यम से जटिल से जटिल बीमारियों का सफल उपचार किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।