डामटा (उत्तरकाशी)।यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले मध्य प्रदेश के करीब 30 तीर्थयात्री शनिवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर डामटा के पास संकरी सड़क पर एक दूसरे वाहन को पास (साइड) देते समय यात्रियों से भरी बस अचानक असंतुलित हो गई। बस का एक टायर सड़क से नीचे उतरते ही गाड़ी खाई की ओर झुक गई, जिससे बस के भीतर बैठे यात्रियों की सांसें अटक गईं और मौके पर चीख-पुकार मच गई।सामने से आ रहे वाहन को साइड देते समय बिगड़ा संतुलनमिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के रहने वाले यह सभी तीर्थयात्री ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम के दर्शनों के लिए रवाना हुए थे। शनिवार शाम करीब चार बजे जैसे ही उनकी बस डामटा से पहले मरोड़ क्षेत्र में पहुंची, तो सामने से एक अन्य वाहन आ गया। संकरी सड़क होने के कारण सामने वाले वाहन को साइड देने के चक्कर में बस का संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय निवासी रमेश रावत ने बताया कि बस का टायर सड़क से बाहर निकलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और वे जान बचाने के लिए चिल्लाने लगे।ग्रामीणों ने देवदूत बनकर बचाई जान, ड्राइवर की सूझबूझ आई कामघटना की भनक लगते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए मुस्तैदी दिखाई और बस में फंसे सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त चालक ने अपना आपा नहीं खोया और सूझबूझ दिखाते हुए ब्रेक लगाकर बस को पूरी तरह खाई में गिरने से रोक लिया। प्रशासन और स्थानीय लोगों के मुताबिक सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें अन्य वाहनों से आगे के लिए रवाना किया गया।संकरी सड़कें और बढ़ता दबाव: स्थानीय लोगों ने जताई चिंताइस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से यमुनोत्री हाईवे पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा सीजन चरम पर होने के कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में संकरी सड़कों और डेंजर ज़ोन पर क्रैश बैरियर न होने से हादसों का खतरा हर वक्त बना रहता है।दो दिन पहले गंगोत्री हाईवे पर भी हुआ था ऐसा ही वाकयागौरतलब है कि चारधाम रूट पर सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बीते गुरुवार को भी गंगोत्री हाईवे के सुक्की टॉप क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो ट्रैवलर इसी तरह अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर उतर गया था। उस घटना में भी यात्री बाल-बाल बचे थे। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन और सड़कों के चौड़ीकरण की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।