श्रीनगर (गढ़वाल): चारधाम यात्रा के दौरान श्रीनगर शहर को फिर से एक व्यवस्थित और सुरक्षित पड़ाव बनाने की दिशा में मेयर आरती भंडारी की पहल अब धरातल पर असर दिखाने लगी है। मेयर द्वारा उपजिलाधिकारी नुपुर वर्मा को दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव के बाद प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात से श्रीनगर बाजार चौकी के पास बैरियर लगाकर रात के समय यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना शुरू कर दिया गया है।इस कदम का मुख्य उद्देश्य केदारनाथ और बदरीनाथ धामों पर बढ़ रहे अत्यधिक दबाव को कम करना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थानीय व्यापारियों को बड़ी राहत देना है।धामों में भीड़ और स्थानीय व्यापार प्रभावित होने पर लिया गया फैसलावर्तमान में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ व केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सोनप्रयाग, गौरीकुंड और मुख्य धामों पर भीड़ का भारी दबाव बन रहा है। दूसरी ओर, श्रीनगर से रोजाना हजारों यात्री गुजर तो रहे थे, लेकिन शहर में ठहराव न होने के कारण स्थानीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।इस गंभीर समस्या को लेकर श्रीनगर व्यापार सभा के अध्यक्ष दिनेश असवाल ने मेयर आरती भंडारी से मुलाकात कर व्यापारियों की परेशानियां साझा की थीं। उनका कहना था कि:”लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम और वाहनों को अधिक देर तक न रुकने देने की व्यवस्था के कारण यात्री श्रीनगर में ठहर नहीं पा रहे हैं। इसका सीधा नुकसान स्थानीय होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों और छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।”मेयर की पहल और उपजिलाधिकारी को सुझावव्यापारियों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए मेयर आरती भंडारी ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी श्रीनगर को एक पत्र सौंपा। मेयर ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि श्रीनगर चारधाम यात्रा का एक ऐतिहासिक और प्रमुख पड़ाव रहा है, जहां होटल, पार्किंग और यात्रियों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि:भीड़ नियंत्रण: धामों और संवेदनशील पहाड़ी पड़ावों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यात्रियों को श्रीनगर में रोका जाए।स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा: श्रीनगर केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र है। यहाँ रुकने से यात्री माँ धारी देवी मंदिर, कमलेश्वर मंदिर और नागेश्वर मंदिर जैसे प्रसिद्ध स्थलों के दर्शन कर सकेंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन को नई ऊर्जा मिलेगी।प्रशासन मुस्तैद: रात 10 से सुबह 4 बजे तक रहेगी रोकमेयर की इस पहल के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। श्रीनगर बाजार चौकी और पौड़ी चुंगी के पास बैरियर सक्रिय कर दिए गए हैं।श्रीनगर तहसीलदार दीपक भंडारी ने इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया:”यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय व्यापारियों की मांग को देखते हुए अब प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा रोकी जाएगी। इस दौरान केवल मालवाहक वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति होगी। यह निर्णय रात के समय पहाड़ी मार्गों पर होने वाले हादसों और जोखिम को कम करने के लिए लिया गया है।”श्रीनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने भी सुरक्षा के पहलू पर जोर देते हुए कहा कि रात में पहाड़ी रास्तों पर सफर करना जोखिम भरा होता है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह प्रतिबंध बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक कदम है।श्रीनगर को मिलेगी नई पहचानस्थानीय जनता और व्यापारियों में इस फैसले के बाद भारी उत्साह है। लोगों का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां एक तरफ यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुगम होगा, वहीं दूसरी ओर श्रीनगर को चारधाम यात्रा के एक सुरक्षित, व्यवस्थित और जीवंत पड़ाव के रूप में अपनी पुरानी पहचान वापस मिलेगी।