रुद्रप्रयाग: आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने संयुक्त टीम के साथ केदारनाथ धाम का स्थलीय निरीक्षण किया।युद्धस्तर पर जारी है बर्फ हटाने का कामधाम में इस समय भी भारी बर्फबारी का असर दिख रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि धाम परिसर और पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर 4 से 5 फीट तक बर्फ जमी हुई है।श्रमिकों की तैनाती: बर्फ हटाने के लिए धाम क्षेत्र में 60 से अधिक और ट्रैक रूट पर 70 से 75 मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं।मार्ग की स्थिति: पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, और जल्द ही ट्रैक के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी संपन्न कर लिया जाएगा।प्रशासन की प्राथमिकता: ‘बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा’जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा:”श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना हमारी प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें ताकि यात्रा का संचालन निर्बाध रूप से हो सके।”सुरक्षा का ‘स्मार्ट’ चक्रव्यूह: ड्रोन और CCTV से होगी निगरानीपुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।सुरक्षा बल: भीड़ नियंत्रण के लिए भारी पुलिस बल के साथ ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के जवान भी तैनात रहेंगे।आधुनिक तकनीक: यात्रा मार्ग और धाम परिसर की निगरानी के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।
यात्रा प्रारंभ तिथि 22 अप्रैल 2026तैनात कुल श्रमिक 130+ (धाम और ट्रैक मिलाकर)बर्फ की स्थिति 4 से 5 फीट (कुछ स्थानों पर)सुरक्षा एजेंसियां उत्तराखंड पुलिस, ITBP, SDRF।
निष्कर्ष: प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के साथ ही अब केदारघाटी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हो रही है। अधिकारियों ने पैदल मार्ग का भी बारीकी से निरीक्षण किया ताकि यात्रियों को चढ़ाई के दौरान किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।