श्रीनगर गढ़वाल। हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कुछ निहंग सिखों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन और कथित उपद्रव का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर शुक्रवार को स्थानीय युवाओं और छात्र नेताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित युवाओं ने श्रीनगर कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और मामले में निष्पक्ष व कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।’कानून सबके लिए बराबर हो’ — छात्र नेताओं का आरोपभाजयुमो के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुधीर जोशी और आर्यन छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय बिष्ट के नेतृत्व में पहुंचे छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कुछ बाहरी तत्वों द्वारा अनुशासनहीनता और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय जनता में असुरक्षा और नाराजगी का माहौल है।युवा नेताओं ने पुलिस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा:”अगर स्थानीय युवा मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) का जरा सा भी उल्लंघन करते हैं, तो पुलिस तुरंत चालान और सख्ती से कार्रवाई करती है। लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ हुड़दंगियों के मामलों में पुलिस वैसी सख्ती क्यों नहीं दिखाती? देश का कानून हर नागरिक के लिए समान होना चाहिए।”उपन्यास या आंदोलन? युवाओं ने दी चेतावनीशिवप्रताप कंडारी, देवकांत देवराड़ी और आयुष मियां सहित अन्य छात्र नेताओं ने मांग की है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा की मर्यादा को बनाए रखने के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यात्रा के दौरान शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए।युवाओं की मुख्य मांगें:यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई हो।सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले हुड़दंगियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यात्रा मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए।छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों को ढील दी गई, तो स्थानीय युवा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।