देहरादून। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। कर्णप्रयाग में अपने साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में निहंग समुदाय के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इस बीच, गुरुद्वारा पांवटा साहिब में प्रशासन और निहंग समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक माहौल में लगातार वार्ता चल रही है। निहंग समुदाय अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि प्रशासन बातचीत के जरिए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है।जिलाधिकारी और SSP ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजादेहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल ने शुक्रवार को पांवटा साहिब सीमा क्षेत्र का दौरा किया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और मौके पर तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।बॉर्डर पर सघन चेकिंग, सुरक्षा बल अलर्टतनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।वाहनों की जांच: उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की गहन चेकिंग की जा रही है।अतिरिक्त बल: संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।सौहार्दपूर्ण माहौल में शांति वार्ता जारीप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गुरुद्वारा पांवटा साहिब में निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का दौर जारी है। जिलाधिकारी और एसएसपी खुद कई दौर की वार्ता कर चुके हैं। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि आपसी संवाद के माध्यम से जल्द ही सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया जाएगा और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी।”जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी व्यक्ति माहौल खराब करने या कानून को हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”– डॉ. आशीष चौहान (DM) व प्रमेन्द्र डोबाल (SSP), देहरादूनअफवाहों से बचने की अपीलप्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी जानकारी के लिए केवल प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।