रुद्रप्रयाग/चमोली (ब्यूरो): नगरासू प्रकरण को लेकर क्षेत्र में तनाव और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पीपलचौरी के समीप एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए, चार दिनों तक क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा करने वाले निहंगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की मांग उठाई है।”पर्यटकों का स्वागत, लेकिन अस्मिता से खिलवाड़ मंजूर नहीं”प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तराखंड एक पवित्र देवभूमि है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का हमेशा दिल से स्वागत किया जाता है। यहाँ की संस्कृति अतिथि देवो भवः की रही है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि बाहरी तत्व यहाँ आकर अराजकता फैलाएं।प्रदर्शनकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:”देवभूमि की अस्मिता के साथ खिलवाड़, हुड़दंग, स्थानीय लोगों से अभद्र व्यवहार और कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने जैसी घटनाएं किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएंगी।”प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई: चार दिनों तक क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग करने और स्थानीय लोगों में भय पैदा करने वाले आरोपी निहंगों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।निष्पक्ष जांच: पूरे नगरासू प्रकरण की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।सख्त निगरानी: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यात्रा मार्गों पर हुड़दंगियों और संदिग्ध तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।क्षेत्र में तनाव का माहौलगौरतलब है कि पिछले चार दिनों से नगरासू क्षेत्र में उपजे इस विवाद के कारण स्थानीय व्यापार और आम जनजीवन पर भी असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने इस मामले में तुरंत कोई ठोस और दंडात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है।