चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। कर्णप्रयाग बाजार में स्थानीय व्यापारियों के साथ हुए हिंसक विवाद और तलवार से जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद चारों आरोपी निहंग सिखों को बड़ी राहत मिली है। गोपेश्वर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय से शनिवार (27 जून 2026) को चारों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली गई है।जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें और तीखी जिरह सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को पचास-पचास हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि मामले की कानूनी सुनवाई कोर्ट में लगातार जारी रहेगी।क्या था पूरा मामला?यह विवाद 16 जून 2026 को उस समय शुरू हुआ था जब श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर वापस लौट रहे निहंग सिखों के एक दल का कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में वाहन पार्किंग को लेकर स्थानीय व्यापारियों और कुछ लोगों से विवाद हो गया था।देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई।आरोप है कि निहंगों ने तलवारों से हमला कर दिया, जिसमें प्रकाश रावत नामक स्थानीय व्यक्ति सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।गंभीर घायल व्यक्ति को एयर एंबुलेंस से देहरादून रेफर करना पड़ा था।इस घटना में एक निहंग सिख भी चोटिल हुआ था।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने बदरीनाथ हाईवे जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद कर्णप्रयाग कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब (मोहाली) के रहने वाले चार निहंगों—मंत्री सिंह (21), जसनप्रीत सिंह (23), अजय सिंह (23) और सतविंदर सिंह (21)—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।निहंगों के ‘उत्तराखंड कूच’ और अल्टीमेटम से बढ़ा था तनावइन चारों निहंगों की गिरफ्तारी के बाद से ही उत्तराखंड और पंजाब के सिख संगठनों में भारी नाराजगी थी।बॉर्डर पर हुआ था हंगामा: बीते 25 जून की रात पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आए लगभग 400 निहंग सिखों ने इन चारों की रिहाई की मांग को लेकर उत्तराखंड कूच कर दिया था। देहरादून जिले के कुल्हाहाल (हिमाचल बॉर्डर) पर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था।फिलहाल, प्रदर्शनकारी निहंग हिमाचल के पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डेरा डाले हुए थे और उन्होंने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था।अब आगे क्या?आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जमानत मिलने के बाद प्रशासन इन चारों निहंगों को उनके गृह राज्य पंजाब लौटने की अनुमति दे सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि कोर्ट के इस फैसले के बाद पिछले कई दिनों से उत्तराखंड की सीमाओं और चमोली क्षेत्र में बना हुआ सांप्रदायिक व कानून-व्यवस्था का तनाव अब शांत हो सकेगा। एहतियात के तौर पर पुलिस और ITBP के जवान अभी भी बॉर्डर पर अलर्ट मोड में बने हुए हैं।