रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र (सिडकुल) में एक बार फिर श्रमिक विवाद गहरा गया है। यहां की एक नामी कंपनी ने अपने 95 श्रमिकों को ले-ऑफ (Lay-off) का नोटिस जारी कर 45 दिनों के लिए काम से बाहर कर दिया है। कंपनी के इस अचानक फैसले से नाराज मजदूर अब कंपनी परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि सालों तक सेवाएं देने के बावजूद कंपनी प्रबंधन उन्हें रोजगार से वंचित कर रहा है और उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
🔴 मुख्य बिंदु: विवाद की बड़ी वजहें
- बिना ठोस कारण कार्रवाई: श्रमिकों का कहना है कि वे पिछले 12 से 14 सालों से कंपनी में ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन अब बिना किसी वाजिब वजह के उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
- कम वेतन का आरोप: धरने पर बैठे मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी उत्तराखंड सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) भी नहीं दे रही है।
- जानबूझकर प्रोडक्शन कम करने का आरोप: श्रमिकों के मुताबिक, पहले कंपनी में भारी मात्रा में उत्पादन होता था, लेकिन अब जानबूझकर प्रोडक्शन कम दिखाया जा रहा है ताकि ले-ऑफ का बहाना बनाया जा सके।
⚖️ साल 2018 में भी हुआ था ऐसा विवाद; 5 साल चली थी कोर्ट में लड़ाई
मजदूरों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने इस तरह का कदम उठाया है:
- साल 2018: कंपनी ने करीब 395 से अधिक श्रमिकों को ले-ऑफ देकर बाहर कर दिया था।
- कानूनी लड़ाई: इसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा और करीब 5 साल तक कानूनी प्रक्रिया चली।
- अदालत का फैसला: कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार 152 श्रमिकों को दोबारा बहाली मिली थी।
- साल 2026: अब एक बार फिर कंपनी ने वही पैंतरा अपनाते हुए 95 कर्मचारियों को 45 दिनों के लिए बाहर कर दिया है।
- कंपनी को जारी होगा नोटिस: श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर अरविंद सैनी ने कहा कि श्रमिकों की शिकायतें सुन ली गई हैं और इस आधार पर कंपनी प्रबंधन को जल्द ही नोटिस जारी किया जा रहा है।
- सुलह की कोशिश: विभाग दोनों पक्षों (कंपनी और मजदूरों) को आमने-सामने बिठाकर वार्ता कराएगा ताकि औद्योगिक शांति बनी रहे।