श्रीनगर (गढ़वाल):
हेमवती नंदन बहुगुणा (एचएनबी) गढ़वाल विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी अंकतालिकाएं (मार्कशीट) और डिग्रियां तैयार कर नौकरी हासिल करने के बड़े फर्जीवाड़े का श्रीनगर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है, जिसके कब्जे से कई कूटरचित दस्तावेज और फर्जी मार्कशीट बरामद हुई हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले की शुरुआत 25 मार्च 2026 को हुई, जब एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जय सिंह चौहान ने कोतवाली श्रीनगर में इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि देवांश पांडेय और उसके साथियों द्वारा विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां, यूनिवर्सिटी की फर्जी मोहरें और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए जा रहे हैं। इन जाली दस्तावेजों को असली बताकर विभिन्न जगहों पर रोजगार और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पौड़ी, सर्वेश पंवार ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए थे।
देहरादून के रायपुर क्षेत्र में दी गई दबिश
क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और पारंपरिक पुलिसिंग का इस्तेमाल करते हुए साक्ष्य जुटाए। लगातार सुरागरसी और पतारसी के बाद, स्थानीय पुलिस के सहयोग से देहरादून के रायपुर क्षेत्र में छापेमारी कर नामजद आरोपी देवांश पांडेय (उम्र 20 वर्ष) को धर दबोचा गया।
शैक्षणिक असफलता के बाद अपनाया शॉर्टकट
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी देवांश पढ़ाई में असफल होने के कारण नौकरी पाने में असमर्थ था। इसी नाकामी से उबरने और शॉर्टकट तरीके से रोजगार हासिल करने के लालच में उसने फर्जी दस्तावेज तैयार करने का यह अवैध रास्ता चुना। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी अंकतालिकाएं और अन्य महत्वपूर्ण कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है, और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश के लिए दबिशें जारी हैं।