श्रीनगर गढ़वाल:
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में न्याय की मांग को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में विरोध के स्वर एक बार फिर तेज हो गए हैं। सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग को लेकर ‘जस्टिस फॉर अंकिता समिति’ की ओर से श्रीनगर गढ़वाल में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई है।

शुक्रवार को समिति से जुड़े कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पीपलचौरी के समीप एकत्रित हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंकिता भंडारी मामले में जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें और आरोप
- राज्यपाल पद से हटाने की मांग: समिति के सदस्यों का कहना है कि विवादित पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति को इतने संवैधानिक और गरिमामयी पद पर नियुक्त करना स्वीकार्य नहीं है। इसी विरोध स्वरूप राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को रद्द करने की मांग उठाई जा रही है।
- हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत: पीपलचौरी में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर इस मुहिम को अपना समर्थन दिया।
- आगे का रुख: समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो इस हस्ताक्षर अभियान को गढ़वाल मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पीपलचौरी क्षेत्र में काफी चहल-पहल रही और स्थानीय निवासियों ने भी समिति की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लिया।