श्रीनगर गढ़वाल / धारी देवी:
मातारानी के प्रति सच्ची आस्था और समर्पण हो, तो साधना के रास्ते भी कितने अनूठे हो सकते हैं, इसकी एक बानगी (उदाहरण)इन दिनों उत्तराखंड के प्रसिद्ध माँ धारी देवी मंदिर में देखने को मिल रही है। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर जूना अखाड़े से जुड़े बाबा नारायण गिरि ने अपनी भक्ति का एक अनूठा उदाहरण पेश करते हुए अपने सिर पर हरियाली उगाई है। महज छह दिनों के भीतर सिर पर उगी यह हरियाली मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच भारी कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

ग्वालियर से ताल्लुक रखते हैं बाबा नारायण गिरि
मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले बाबा नारायण गिरि पिछले तीन-चार वर्षों से पूरी तरह माँ धारी देवी की भक्ति में लीन हैं और इसी मंदिर क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद उनकी साधना और माँ के प्रति निष्ठा ने हर किसी को अचंभित कर दिया है।
- दिव्यांगता को नहीं बनने दिया बाधा: बाबा बचपन से ही पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन उनकी यह शारीरिक सीमा माँ के प्रति उनकी अटूट आस्था के आड़े नहीं आई।

- शारदीय नवरात्र की विशेष साधना: इस बार शारदीय नवरात्र के दौरान उन्होंने अपने सिर पर हरियाली उगाने का संकल्प लिया, जिसे वे पूजा-अर्चना के बाद माँ धारी देवी को समर्पित कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं में बना आस्था का केंद्र
मंदिर परिसर में पहुँच रहे भक्त बाबा नारायण गिरि की इस कठिन और अनूठी साधना को देखकर न केवल हैरान हैं, बल्कि उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा भी व्यक्त कर रहे हैं। मात्र छह दिनों में सिर पर तैयार हुई हरियाली को देखने के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर पहुँच रहे हैं। यह अनूठा दृश्य शारदीय नवरात्र के इन पावन दिनों में धारी देवी मंदिर की आध्यात्मिक छटा को और अधिक