हल्द्वानी | 23 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क, तिकोनिया में चल रहा अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को राज्य के विभिन्न जिलों से लगातार व्यापक समर्थन मिल रहा है।
चमोली के राज्य आंदोलनकारी बैठे अनशन पर
18 अक्टूबर से शुरू हुए इस आंदोलन के तहत चमोली जिले के थाला गांव निवासी राज्य आंदोलनकारी दुर्गा प्रसाद थपलियाल अनशन पर बैठे। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलन के पुराने संघर्षों को याद करते हुए प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने लाठियां और गोलियां खाई थीं। उनका मुख्य उद्देश्य था कि अलग राज्य बनने के बाद लोगों को उनके अधिकार मिलेंगे, पहाड़ों से पलायन रुकेगा और पर्वतीय क्षेत्रों का वास्तविक विकास होगा, लेकिन आज की स्थिति देखकर आंदोलनकारियों की आत्मा आहत है।
विभिन्न जिलों से पहुंच रहे हैं आंदोलनकारी
पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत ने जानकारी दी कि इस आंदोलन में प्रदेश के कोने-कोने से लोग अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। अब तक अनशन में शामिल होने वाले प्रमुख आंदोलनकारियों में:
- अनिल बहुगुणा (टिहरी)
- भुवन कठायत (चखुटिया)
- रमेश थपलियाल (गोचर)
- दयाल सिंह राणा (सेवानिवृत्त इंजीनियर, रुद्रप्रयाग)
- आनंद राम (मासी)
- दुर्गा प्रसाद थपलियाल (चमोली)
इसके अलावा, अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडी भी इस अभियान से जुड़ने के लिए विशेष रूप से हल्द्वानी पहुंच रहे हैं।
पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने उठाई आवाज
अनशन स्थल पर पहुंचे पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन पर्वतीय क्षेत्रों के अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि पहाड़ के खेतों, किसानों, गांवों और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना अनिवार्य है।
प्रमुख मांगें और अपील
- विधानसभा सत्र में ठोस निर्णय: आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में स्थायी राजधानी के मुद्दे पर स्पष्ट और ठोस निर्णय ले।
- व्यापक जन-सहभागिता: राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और नंदप्रयाग से पहुंचे 78 वर्षीय बुजुर्ग आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमोड़ी ने प्रदेश की जनता से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
इस दौरान फौजी राजेंद्र कांडपाल, जीवन चंद्र उप्रेती, डॉ. आशुतोष पंत, फौजी भुवन पांडेय, प्रेमा मेर, नीमा भट्ट, अंजू पांडे, ललित मोहन सिंह जीना, सुनील सिंह, विजय जोशी, संजय बिष्ट, कविंद्र चंद, हिमांशु शर्मा, अजय सिंह, संतोष कांडपाल, देवेंद्र सालाकोट, संजय वर्मा, हर्षित बिष्ट, मनोज सिंह, राहुल सिंह, करण सिंह बिष्ट, संजय रौतेला और कमल रावत सहित तमाम आंदोलनकारी मौजूद रहे।