देहरादून। राजधानी के एकता विहार में ‘वर्षवार भर्ती’ की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों का हल्लाबोल जारी है। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले चल रहा यह धरना आज 145वें दिन में प्रवेश कर गया है। कड़ाके की धूप और बदलती परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश के युवा और महिलाएं अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं।दशकों की मेहनत और 145 दिन का इंतज़ारआंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार एक तरफ ‘महिला सशक्तिकरण’ का नारा बुलंद करती है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ की बेटियां अपने हक के रोजगार के लिए महीनों से सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। पिछले 10 दिनों से इस आंदोलन में महिलाओं की सक्रियता और बढ़ गई है, जो घर-बार छोड़कर हक की लड़ाई लड़ रही हैं।बिगड़ती तबीयत, पर अडिग हौसलाधरना स्थल पर भूख हड़ताल के कारण आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है। टिहरी गढ़वाल के ग्राम नकोट की शिरा बंधानी (40 वर्ष) के अनशन का आज 8वाँ दिन है। तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने अस्पताल जाने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक नियुक्ति का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगी।अनशन पर बैठे योद्धा:शिरा बंधानी (40 वर्ष): अनशन का 8वाँ दिन (नकोट, टिहरी गढ़वाल)मुकेश रमोला (34 वर्ष): अनशन का 5वाँ दिन (ब्रह्मखाल, उत्तरकाशी)प्रीति सिंह (33 वर्ष): अनशन का पहला दिनसरकार की ‘संवेदनहीनता’ पर आक्रोशप्रदर्शनकारियों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 145 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल न होना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि महिला सशक्तिकरण केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत में शिक्षित युवा दर-दर भटक रहे हैं।इनकी रही मौजूदगीधरना स्थल पर नवल पुंडीर, प्रवेश रावत, मुकेश, सोनिया, सपना, ममता, भास्कर, नीमा, उपेंद्र और अखिलेश सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नर्सिंग प्रशिक्षित युवा मौजूद रहे।