एम्स ऋषिकेश में राज्यपाल ने किया ‘नर्सिंग उत्कृष्टता और अंगदान’ कार्यक्रम का शुभारंभ; बोले- “अंगदान मानवता की सेवा का सर्वोच्च स्वरूप”ऋषिकेश/देहरादून:उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित “उन्नत ट्रॉमा देखभाल, अंगदान और नर्सिंग उत्कृष्टता” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान राज्यपाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नर्सिंग अधिकारियों और अंगदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया।नर्सिंग सेवा करुणा और समर्पण का प्रतीककार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नर्सिंग सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि करुणा और मातृत्व का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा, “गंभीर स्थिति में मरीज के लिए नर्स केवल एक स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि एक सहारा और आत्मीयता का प्रतीक होती है।” उन्होंने समाज में नर्सों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।अंगदान: मृत्यु के बाद भी जीवित रहने का मार्गअंगदान के महत्व पर जोर देते हुए राज्यपाल ने इसे ‘महादान’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि शरीर नश्वर है, लेकिन दान किए गए अंग किसी दूसरे व्यक्ति को नया जीवन देकर मानवता को जीवित रखते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।ट्रॉमा केयर और ‘गोल्डन ऑवर’ की अहमियतपर्वतीय राज्य उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दुर्घटनाओं के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का समय) में इलाज मिलना जीवन बचाने के लिए सबसे जरूरी है। उन्होंने एम्स द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों जैसे:हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस सेवाड्रोन तकनीकआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)टेलीमेडिसिनकी प्रशंसा की और कहा कि ये नवाचार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।ये दिग्गज रहे मौजूदइस अवसर पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह, ट्रॉमा केयर एचओडी डॉ. कमर आजम समेत संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।