चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद के पाटी ब्लॉक के भिंगराड़ा वार्ड से जिला पंचायत सदस्य शैलेश जोशी का निर्वाचन जिला न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया है। भाजपा समर्थित सदस्य के खिलाफ आए इस अदालती फैसले के बाद जिले की राजनीति में भारी हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, साल 2019 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान भिंगराड़ा वार्ड से शैलेश जोशी ने जीत दर्ज की थी। उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी रहे मदन सिंह ने इस चुनाव परिणाम को न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शैलेश जोशी ने नामांकन के दौरान अपनी संतानों के संबंध में गलत जानकारी दी थी और तथ्यों को छिपाया था।
कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, चंपावत के जिला न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने शैलेश जोशी के निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए उसे निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
शैलेश जोशी सत्ताधारी दल भाजपा समर्थित सदस्य थे, ऐसे में इस फैसले को स्थानीय भाजपा संगठन के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इस फैसले के बाद अब इस वार्ड में दोबारा चुनाव (उपचुनाव) की संभावना भी बढ़ गई है।
मुख्य बिंदु:
वार्ड: जिला पंचायत वार्ड भिंगराड़ा (पाटी)।
विवाद: बच्चों की संख्या से जुड़े तथ्यों को छिपाने का आरोप।
आदेश: जिला न्यायालय, चंपावत द्वारा निर्वाचन शून्य घोषित।