देहरादून | 12 मई, 2026राजधानी देहरादून में लंबे समय से चल रहा नर्सिंग भर्ती आंदोलन आज उस समय बेहद संवेदनशील और उग्र मोड़ पर आ गया, जब प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुलिस प्रशासन के सामने ही खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें हिरासत में ले लिया।क्या है पूरा मामला?उत्तराखंड के नर्सिंग छात्र और बेरोजगार लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती और नियुक्तियों की मांग को लेकर सचिवालय कूच और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। आज जब आंदोलनकारी अपनी बात रखने के लिए आगे बढ़े, तो भारी पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।घटनाक्रम: जब स्थिति हुई बेकाबूप्रदर्शन का नेतृत्व: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता नर्सिंग छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे।बैरिकेडिंग पर तीखी नोकझोंक: प्रदर्शनकारियों ने जब सचिवालय की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी जमकर धक्का-मुक्की हुई।आत्मदाह का प्रयास: सरकार के अड़ियल रुख और पुलिसिया कार्रवाई से नाराज होकर ज्योति रौतेला ने अचानक पेट्रोल की बोतल निकालकर अपने ऊपर उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पातीं, मुस्तैद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और उनके हाथ से बोतल छीन ली।आंदोलनकारियों की मुख्य मांगेंनर्सिंग भर्ती से जुड़े युवा मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर अड़े हुए हैं:पदों में वृद्धि: स्वीकृत पदों पर तत्काल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।वर्षवार नियुक्तियां: वरिष्ठता और वर्ष के आधार पर नियुक्तियों में प्राथमिकता दी जाए।स्थायी समाधान: संविदा के बजाय नियमित नियुक्तियों पर जोर।”सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए लाठियों और पुलिस का सहारा ले रही है। जब तक नर्सिंग बेरोजगारों को न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। हम अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ेंगे।”— ज्योति रौतेला, प्रदेश अध्यक्ष (महिला कांग्रेस)प्रशासनिक प्रतिक्रियापुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोका गया था। आत्मदाह की कोशिश को देखते हुए एहतियातन ज्योति रौतेला समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।इस घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर उबाल ला दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता बताया है, वहीं नर्सिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक ठोस आदेश जारी नहीं होते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।