कोटद्वार/पौड़ी (उत्तराखंड)। कोट ब्लॉक की सितोनस्यूं पट्टी के वाडियूं गांव से एक बेहद दर्दनाक और दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां दिनदहाड़े एक गुलदार (तेंदुए) ने घर के पास घास लेने गई महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।घर से महज 200 मीटर दूर घात लगाकर बैठा था गुलदारप्राप्त जानकारी के अनुसार, वाडियूं गांव की रहने वाली एक महिला रोजाना की तरह घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल की तरफ घास लेने गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक महिला पर हमला कर दिया। दिनदहाड़े हुए इस अचानक हमले में महिला को संभलने तक का मौका नहीं मिला।निर्जन मकान के पास मिला क्षत-विक्षत शवजब महिला काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद गांव से कुछ ऊपर स्थित एक सुनसान (निर्जन) मकान के पास महिला का लहूलुहान शव बरामद हुआ। शव को देखते ही परिवार में कोहराम मच गया।ग्रामीणों में आक्रोश, आदमखोर घोषित करने की मांगघटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के दिनदहाड़े हमले से साफ है कि वह इंसानों का आदी हो चुका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा जाए।यदि हमलावर गुलदार सक्रिय रहता है, तो उसे तुरंत आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए जाएं।प्रभावित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।नोट: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रहे इन हमलों से ग्रामीण इलाकों में लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतराने लगे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले जंगलों में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।