पौड़ी। शहर के एक निजी अस्पताल में जच्चा और नवजात शिशु की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में शनिवार को स्थानीय निवासियों और परिजनों ने रामलीला मैदान से लेकर निजी अस्पताल तक आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
परिजनों ने लगाए गंभीर लापरवाही के आरोप
मृतका के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण माँ और नवजात बच्चे दोनों की जान चली गई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं:
- दोषी चिकित्सकों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई कर उन्हें निलंबित किया जाए।
- जब तक अस्पताल में पर्याप्त अनुभवी चिकित्सक और पूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध न हों, तब तक वहां ऑपरेशन की अनुमति न दी जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO पौड़ी) को भी ज्ञापन सौंपकर आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई करने की गुहार लगाई। इस विरोध प्रदर्शन में शंकर नौटियाल, विकास चौहान, दीपक असवाल, मोहित सिंह, भास्कर बहुगुणा, राहुल सिंह, गोपाल, दीपक पुंडीर, आकाश रावत समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अस्पताल प्रशासन की सफाई और आंतरिक जांच का आश्वासन
दूसरी ओर, मामले के तूल पकड़ने पर अस्पताल के संस्थापक इंद्रजीत नेगी ने बयान जारी कर इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले की आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है या कोई दोषी सिद्ध होता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग या सक्षम प्राधिकारियों द्वारा की जाने वाली किसी भी बाहरी जांच के लिए पूरी तरह तैयार है। निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा के लिए सभी मेडिकल रिकॉर्ड और प्रासंगिक जानकारी मुहैया कराकर पूरा सहयोग दिया जाएगा।