- पहाड़ की संस्कृति और विरासत में ध्याणियों (बेटियों) का विशेष स्थान: सुधांशु नोडियाल
- स्थानीय कृषि उत्पादों को परंपराओं से जोड़कर पहचान दिलाने की अनूठी पहल
श्रीनगर (गढ़वाल): पहाड़ की समृद्ध संस्कृति और पौराणिक परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से श्रीनगर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने क्षेत्र की महिलाओं को राठ क्षेत्र के प्रसिद्ध आलू वितरित किए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
मायके से बेटियों के प्रति स्नेह का प्रतीक ‘सैमलोण’
कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता सुधांशु नोडियाल ने बताया कि पहाड़ की संस्कृति और लोक-विरासत में ‘ध्याणियों’ (विवाहित बेटियों) का अत्यंत सम्मानित और विशेष स्थान है। मायके से बेटियों के प्रति स्नेह, आत्मीयता और अपनत्व की सदियों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राठ क्षेत्र के आलू महिलाओं को ‘सैमलोण’ (भेंट या सौगात) के रूप में प्रदान किए गए हैं।
स्थानीय कृषि और उत्पादों को मिलेगी नई पहचान
सुधांशु नोडियाल ने कहा कि राठ क्षेत्र के स्थानीय कृषि उत्पादों को जब उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जाता है, तो इससे न केवल पहाड़ की अनमोल विरासत को सहेजने में मदद मिलती है, बल्कि स्थानीय उपज को भी बाजार में एक नई पहचान मिलती है।
महिलाओं ने जताई खुशी, की पहल की सराहना
कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं ने इस सांस्कृतिक पहल और सम्मान की सराहना की। उपस्थित महिलाओं का कहना था कि पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने और ध्याणियों के सम्मान की इस परंपरा को जीवंत रखने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।