देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी के चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का आधिकारिक फ्लैग-इन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कठिन परिस्थितियों में तिरंगा फहराने वाले पर्वतारोहियों के अदम्य साहस, अनुशासन और टीम भावना की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि NIM के इस तरह के साहसिक अभियान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। संस्थान ने उच्च हिमालयी प्रशिक्षण और युवा विकास के क्षेत्र में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
नुन-कुन अभियान-2026: एक ही अभियान में फतह कीं 3 चोटियां
NIM के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित के नेतृत्व में चलाए गए ‘नुन-कुन अभियान-2026’ ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि अपने नाम की। इस दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन बड़ी चोटियों पर सफलता का परचम लहराया:
- माउंट कुन (7,077 मीटर): 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फतह की गई।
- माउंट डेल्टा-41 (5,908 मीटर): 26 अगस्त को दल ने इस चोटी पर सफल आरोहण किया।
- माउंट नुन (7,135 मीटर): 31 अगस्त को श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराया गया।
माउंट एकांकागुआ पर लहराया तिरंगा
NIM और ‘जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स’ (JIM&WS), पहलगाम के संयुक्त तत्वावधान में 6,961 मीटर ऊंचे माउंट एकांकागुआ अभियान का संचालन किया गया।
- नेतृत्व: कर्नल हेम चंद्र सिंह (प्रधानाचार्य, JIM&WS)।
- उपलब्धि: छह सदस्यीय दल ने 22 फरवरी 2026 को चोटी पर सफल आरोहण किया।
- विशेष: इस ऐतिहासिक अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक से फ्लैग-ऑफ किया था।
”साहसिक पर्यटन में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा उत्तराखंड”
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं समेटे हुए हैं। ऐसे अभियानों से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल रही है, साथ ही स्थानीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और चुनौतियों से निपटने का आत्मविश्वास पैदा हो रहा है।
समारोह में उपस्थित प्रमुख लोग:
समारोह में विशेष प्रमुख सचिव (खेल एवं युवा कल्याण) अमित कुमार सिन्हा, NIM के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, JIM&WS के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी और अभियानों में शामिल सभी पर्वतारोही मौजूद रहे।