टिहरी/कीर्तिनगर: विकासखंड कीर्तिनगर के 14 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में जर्जर भवनों, पेयजल किल्लत और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याओं को लेकर उप प्रधान संघ ने सोमवार को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
जर्जर भवन और भूस्खलन की जद में स्कूल, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

उप प्रधान संघ के संयोजक एवं देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी गणेश भट्ट ने बताया कि क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालय वर्षों से बदहाली के आंसू रो रहे हैं। आधे से अधिक विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति ठप है, जिससे मासूम बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई स्कूल भवन भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की जद में हैं, जिससे हर समय किसी हादसे का डर बना रहता है।
संघ के संरक्षक भानु भट्ट ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बच्चों की बुनियादी शिक्षा का आधार होते हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा ऐसे भवनों की अनदेखी करना बच्चों के भविष्य और जीवन से खिलवाड़ करने जैसा है।
चुनाव के समय मतदाताओं और पोलिंग पार्टियों की सुरक्षा पर भी सवाल
संघ के उपाध्यक्ष मुकेंद्र नेगी ने चिंता जताते हुए कहा कि इनमें से कई जर्जर प्राथमिक विद्यालयों में चुनाव के दौरान मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) बनाए जाते हैं। ऐसे में भवनों की खस्ताहाल स्थिति केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव के समय यहां आने वाले मतदाताओं और मतदान कार्मिकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम प्रधान कुलदीप राणा और उपप्रधान लक्ष्मी देवी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों की समस्याओं को तहसीलदार के समक्ष प्रमुखता से रखा।

तहसीलदार ने दिया जल्द निरीक्षण का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार कीर्तिनगर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही एक संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम प्रभावित विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।