चमोली/कर्णप्रयाग: कर्णप्रयाग-गैरसैंण राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सिमली और सिरोली के बीच पहाड़ी से अचानक हुए भारी भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इस दौरान सड़क से गुजर रहे एक स्कूटी सवार ने समय रहते खतरे को भांप लिया और अपनी जान बचा ली, हालांकि उसकी स्कूटी मलबे के नीचे दब गई।

समय रहते भांपा खतरा, टली बड़ी अनहोनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब आठ बजे सिमली और सिरोली के बीच पहाड़ी से अचानक छोटे-छोटे पत्थर गिरने शुरू हुए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक स्कूटी सवार की नजर गिरते पत्थरों पर पड़ी। खतरे का अंदेशा होते ही स्कूटी सवार ने तुरंत बुद्धिमत्ता दिखाई और बीच सड़क पर ही स्कूटी छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर दौड़ लगा दी।
उसके हटते ही चंद सेकेंडों में पहाड़ी से भारी-भरकम मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। देखते ही देखते स्कूटी मलबे के नीचे समा गई। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते स्थिति को समझ लिया, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई।
सड़क के दोनों ओर लगा लंबा जाम

भूस्खलन इतना भीषण था कि पूरी सड़क मलबे से पट गई है, जिससे कर्णप्रयाग-गैरसैंण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। मार्ग बंद होने की वजह से सड़क के दोनों ओर यात्री वाहनों, बसों और मालवाहकों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम जारी
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राजमार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया है। मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित निकाला जा सके और यातायात बहाल हो सके।