देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराध के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। STF और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना अरवाज को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।क्या है पूरा मामला?आरोपी अरवाज लंबे समय से साइबर पुलिस की रडार पर था। जानकारी के अनुसार, यह गिरोह भोले-भले लोगों को ऊंचे रिटर्न और ऑनलाइन निवेश का लालच देकर करोड़ों रुपये की चपत लगा चुका है। उत्तराखंड के कई जिलों से इस गिरोह के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं।एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिराना तरीके से डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिए देशभर में अपना जाल फैलाए हुए था।गाजियाबाद में दी दबिशवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। सटीक इनपुट मिलने के बाद टीम ने गाजियाबाद में घेराबंदी कर अरवाज को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ठगी से संबंधित अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं।मुख्य हाइलाइट्स:गिरफ्तारी: गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) से।आरोपी: अरवाज (साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड)।अपराध: करोड़ों रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी।कार्रवाई: उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा संयुक्त ऑपरेशन।STF की जनता से अपीलएसटीएफ ने इस कामयाबी के बाद एक बार फिर आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही भारी मुनाफे के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें। यदि आप भी किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।