उत्तरकाशी। जनपद के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों को आवंटित धनराशि में वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले में मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।क्या है पूरा मामला?मिली जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले के संबंधित स्कूलों में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए सरकारी बजट जारी किया गया था। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने इस धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में करने के बजाय उसमें भारी हेरफेर की।विभाग को काफी समय से इन अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है, जिसे विभाग ने ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ और ‘वित्तीय भ्रष्टाचार’ की श्रेणी में रखा है।मुख्य शिक्षा अधिकारी की सख्त कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तरकाशी के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) ने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी किया। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि:भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।निलंबन अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक संबंधित ब्लॉक कार्यालयों से संबद्ध रहेंगे।पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, ताकि गबन की गई सटीक राशि का पता लगाया जा सके।शिक्षा विभाग में हड़कंपइस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि विभाग अब अन्य स्कूलों में भी पिछले कुछ वर्षों में हुए खर्चों का ऑडिट कराने की योजना बना रहा है। सीईओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बच्चों की शिक्षा के लिए आने वाले बजट में किसी भी प्रकार की कोताही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।बने रहें लेटेस्ट अपडेट्स के लिए। ऐसी ही और खबरों के लिए हमारी वेबसाइट को फॉलो करें।