रुद्रप्रयाग: इस वर्ष की केदारनाथ धाम यात्रा सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को जाम से निजात दिलाने और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने एक ‘स्मार्ट ट्रैफिक मॉडल’ लागू किया है।एसपी निहारिका तोमर के मार्गदर्शन में ‘हाईटेक’ हुई व्यवस्थापुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के नेतृत्व में तैयार की गई इस कार्ययोजना का असर धरातल पर साफ़ दिख रहा है। एसपी खुद कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए हैं। हाल ही में खराब मौसम और बारिश के बावजूद उन्होंने कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं का जायजा लिया और फील्ड में तैनात अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।तकनीक बनी पुलिस की तीसरी आंखइस बार यात्रा मार्ग की सुरक्षा और ट्रैफिक की निगरानी केवल मानवीय स्तर पर नहीं, बल्कि हाईटेक कैमरों और मशीनों के जरिए की जा रही है:एएनपीआर कैमरे: 10 आधुनिक ANPR कैमरों से वाहनों की ऑटोमैटिक पहचान की जा रही है।ड्रोन सर्विलांस: 4 ड्रोन ज़ोन बनाए गए हैं, जो दुर्गम इलाकों और संवेदनशील पॉइंट्स की लाइव फीड कंट्रोल रूम को भेज रहे हैं।CCTV नेटवर्क: पूरे मार्ग पर 200 फिक्स और PTZ कैमरे लगाए गए हैं। 21 प्रमुख स्थानों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सके।पार्किंग और बॉटलनेक पॉइंट्स पर विशेष फोकससड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं:पार्किंग व्यवस्था: मार्ग पर 7 स्थायी और 11 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।बॉटलनेक और लैंडस्लाइड जोन: 16 संवेदनशील बॉटलनेक (सँकरी जगह) और 12 सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि ट्रैफिक न रुके।टूरिस्ट सहायता: यात्रियों की मदद के लिए 7 विशेष टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र और 13 हॉक ज़ोन स्थापित किए गए हैं।पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार संवादयात्रियों को जागरूक करने के लिए पैदल मार्ग पर 11 और मुख्य सड़क मार्ग पर 10 स्थानों पर ‘पब्लिक एड्रेस सिस्टम’ लगाया गया है। इसके माध्यम से मौसम की जानकारी, ट्रैफिक अपडेट और सुरक्षा निर्देशों का निरंतर प्रसारण किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक का कथन:”हम तकनीकी संसाधनों और ग्राउंड से मिलने वाले रियल-टाइम फीडबैक के आधार पर रोजाना अगले दिन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोपरि रखना है।”