देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने शासन स्तर पर प्रशासनिक और राजनीतिक नियुक्तियों की तीसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में संगठन के कई वरिष्ठ चेहरों, पूर्व मंत्रियों और हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गजों को विभिन्न निगमों, परिषदों और समितियों में अहम दायित्व सौंपे गए हैं।
मंत्रिपरिषद अनुभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल बनाने तथा आगामी रणनीतियों को धार देने के लिए इन वरिष्ठ नेताओं को ‘दर्जा मंत्री’ स्तर की जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इन दिग्गजों को मिले महत्वपूर्ण विभाग (प्रमुख नाम)
सरकार द्वारा जारी सूची में कई बड़े नामों को शामिल कर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है:
दिनेश अग्रवाल (पूर्व कैबिनेट मंत्री): ‘सेतु आयोग’ में सलाहकार नामित किया गया है।
जोत सिंह बिष्ट (वरिष्ठ नेता): ‘ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद’ में उपाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है।
ज्योति कोटिया (देहरादून): ‘गोरखा कल्याण परिषद’ की अध्यक्ष नियुक्त की गई हैं।
कैप्टन गंभीर सिंह धामी (खटीमा): ‘उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद’ में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है।
शमशेर सिंह बिष्ट (देहरादून): ‘उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद’ में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी।
अनुराधा वालिया (देहरादून): ‘माटी कला बोर्ड’ में उपाध्यक्ष नामित की गई हैं।
अभिषेक शाही (देहरादून): ‘गोरखा कल्याण परिषद’ में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी।
तीसरी सूची के प्रमुख नीतिगत मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि धामी सरकार की इस तीसरी सूची के पीछे संगठन को मजबूत करने और असंतोष को दूर करने की एक बड़ी रणनीति है:
दलबदलुओं और वरिष्ठों का सम्मान: इस लिस्ट में सबसे खास बात यह है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए दिनेश अग्रवाल और जोत सिंह बिष्ट जैसे कद्दावर नेताओं को तुरंत एडजस्ट कर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
सरकारी योजनाओं का विस्तार: इन नियुक्तियों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित विभागों, बोर्डों और समितियों के कार्यों में तेजी आएगी और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे जनता तक पहुंचेंगी।
कार्यकर्ताओं में नया जोश: दायित्वों की घोषणा के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने इस जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया है।
सरकार और संगठन में समन्वय की कोशिश
इस नई सूची के बाद प्रदेश में दायित्वधारियों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि जिन वरिष्ठ नेताओं या कार्यकर्ताओं को पिछले चुनावों में टिकट नहीं मिल पाया था या जो किन्हीं कारणों से पीछे रह गए थे, उन्हें इन खाली पदों पर नियुक्त कर सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रही है।