सहसपुर (देहरादून): सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के पानी के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में विनोद नामक एक युवक की जान चली गई, जबकि अशोक, सुषमा और राजेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है।पानी के बंटवारे पर बढ़ा विवाद, घर में घुसकर हमलाजानकारी के मुताबिक, बैरागीवाला गांव में दो पक्षों के बीच खेतों में पानी लगाने को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया। मृतक पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष के कई लोग हथौड़े, बेलचे और अन्य धारदार औजारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए और अंधाधुंध हमला कर दिया।इस जानलेवा हमले में विनोद बुरी तरह लहूलुहान हो गए। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य तीन घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।आरोपितों के घर पर चला बुलडोजर, एनकाउंटर की मांग उठीघटना से गुस्साए विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बैरागीवाला गांव पहुंच गए हैं और आरोपितों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठनों द्वारा आरोपितों के एनकाउंटर तक की मांग उठाई जा रही है।तनाव को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और कड़ा संदेश देने के लिए प्रशासन ने आरोपितों के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की है।गांव छोड़कर जा रहे कई परिवार, आगजनी की भी चर्चाइस खूनी संघर्ष के बाद गांव में सांप्रदायिक और सामाजिक ताना-बाना चरमरा गया है। सूत्रों के मुताबिक, गांव के कई मुस्लिम परिवारों के पलायन करने और अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाओं की भी चर्चाएं गर्म हैं।नोट: हालांकि, पलायन और आगजनी के इन दावों की अभी तक प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी इनपुट्स और पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।इंटरनेट सेवाएं बंद, भारी पुलिस बल तैनातगांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं। पूरे गांव में भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी को तैनात किया गया है।अफवाहों और भ्रामक संदेशों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या भड़काऊ पोस्ट साझा न करें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग करें।