देवाल (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। देवाल ब्लॉक स्थित कोठी गांव निवासी और भारतीय वायुसेना में तैनात सार्जेंट आशीष जुयाल (36) का दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया। पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पिंडर नदी के तट पर वायुसेना की टुकड़ी द्वारा दिए गए ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ आकस्मिक निधन
देवाल ब्लॉक के ग्राम कोठी निवासी 36 वर्षीय आशीष जुयाल भारतीय वायुसेना में सार्जेंट के पद पर सेवारत थे। दिल्ली स्थित सैन्य अस्पताल (आर्मी हॉस्पिटल) में उपचार के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया। जैसे ही उनके निधन की सूचना चमोली स्थित उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे देवाल क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मासूम बेटी और पत्नी बेसुध
सार्जेंट आशीष जुयाल तीन बहनों के इकलौते भाई थे। 36 वर्ष की अल्पायु में उनके चले जाने से परिवार का चिराग बुझ गया है। वह अपने पीछे रोती-बिलखती पत्नी और एक मासूम बेटी को छोड़ गए हैं। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिसे देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
’आशीष अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा पिंडर तट
विशेष सैन्य वाहन से सार्जेंट आशीष का पार्थिव शरीर पैतृक गांव कोठी लाया गया, जहां अंतिम दर्शनों के बाद अंतिम यात्रा पिंडर नदी के तट के लिए रवाना हुई। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, आशीष आपका नाम रहेगा’ और ‘आशीष अमर रहें’ के गगनभेदी नारे लगाती रही।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम सलामी
पिंडर नदी के घाट पर भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने पारंपरिक सैन्य रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्र उल्टे कर और मातमी धुन बजाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी और सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने वीर सैनिक को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।