पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक के अंतर्गत रणाकोट गाँव में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल के करीब अपने खेतों में काम कर रही एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला बोल दिया। महिला की सूझबूझ और शोर मचाने के कारण गुलदार उसे छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।घटना का विवरणप्राप्त जानकारी के अनुसार, रणाकोट निवासी श्रीमती सुशीला देवी सुबह अपने घर के पास स्थित खेतों में कृषि कार्यों में व्यस्त थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर झपट्टा मार दिया। अचानक हुए इस हमले से घबराने के बजाय सुशीला देवी ने बहादुरी का परिचय दिया और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।आस-पास मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने और मौके की ओर दौड़ने पर गुलदार सहम गया और शिकार को छोड़ घने जंगल की ओर फरार हो गया। हमले में महिला को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है।ग्रामीणों में भारी आक्रोशइस घटना के बाद से रणाकोट और आस-पास के गाँवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि:गुलदार अब रात के साथ-साथ दिन के उजाले में भी हमलावर हो रहे हैं।बच्चों को स्कूल भेजने और महिलाओं को घास-लकड़ी के लिए जंगल जाने में डर लग रहा है।वन विभाग को बार-बार सूचित करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।विकट होते हालातपौड़ी गढ़वाल में पिछले कुछ महीनों में गुलदार के हमलों की घटनाओं में तेजी आई है। कई इलाकों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और आदमखोर हो रहे गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए।चेतावनी: वन विभाग ने स्थानीय लोगों को अकेले जंगल न जाने और शाम के समय बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।