देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित पुलिस लाइन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों से भेंट की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल का आधार स्तंभ अनुशासन, सेवा और समर्पण है।आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था पर जोरमुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि एक पर्वतीय राज्य होने के नाते यहाँ प्राकृतिक आपदाएं एक निरंतर चुनौती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:दक्षता अनिवार्य: प्रत्येक पुलिसकर्मी को आपदा प्रबंधन की तकनीकों में निपुण होना चाहिए ताकि संकट के समय वे देवदूत की भूमिका निभा सकें।महत्वपूर्ण भूमिका: राज्य में सुदृढ़ कानून व्यवस्था, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और आकस्मिक चुनौतियों से निपटने में पुलिस बल की भूमिका सबसे अहम है।आधुनिक प्रशिक्षण और जनसेवा का संकल्पप्रशिक्षु जवानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की कि वे अपने आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण को पूरी तरह आत्मसात करें। उन्होंने जवानों को प्रेरित किया कि वे:निष्ठा और संवेदनशीलता: जनता के साथ कार्य करते समय मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दें।सुरक्षित उत्तराखंड: देवभूमि को एक सुरक्षित, सशक्त और अनुशासित राज्य बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।कर्तव्य पथ: किसी भी परिस्थिति में अपने कर्तव्य पथ से विचलित न होकर राष्ट्र और राज्य की सेवा में समर्पित रहें।”हमारी पुलिस केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संकट में फंसे नागरिक की सबसे बड़ी उम्मीद होनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि ये प्रशिक्षु जवान अपनी निष्ठा से उत्तराखंड पुलिस के गौरव को और बढ़ाएंगे।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्रीनिष्कर्षइस अवसर पर पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से प्रशिक्षु कांस्टेबलों में भारी उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अंत में जवानों को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने और ‘मित्र पुलिस’ की छवि को धरातल पर उतारने का आह्वान किया।