रुद्रप्रयाग—
स्थापत्य और आस्था का संगम: वैदिक परंपराओं के साथ खुले द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाटहिमालय की गोद में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, गोण्डार से डोली पहुंचने के बाद मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने संपन्न कराई विशेष पूजा; पहले ही दिन 1,135 भक्तों ने टेका मत्था।रुद्रप्रयाग।उत्तराखंड की पावन देवभूमि में चारधाम यात्रा के बीच पंचकेदारों में से एक, द्वितीय केदार भगवान श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट आज ग्रीष्मकाल के लिए पूरी तरह खोल दिए गए हैं। सुबह ठीक 11 बजे पौराणिक परंपराओं, वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-दमाऊं की पारंपरिक थाप के बीच मंदिर के गर्भगृह के द्वार श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाटोद्घाटन के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए सैकड़ों शिवभक्त धाम में मौजूद रहे, जिससे पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।गोण्डार से शुरू हुआ बाबा का दिव्य सफरइससे पूर्व, भगवान मद्महेश्वर की पावन उत्सव डोली अपने अंतिम पड़ाव गोण्डार गांव में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह तड़के धाम के लिए रवाना हुई। बुग्यालों और दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होते हुए जब बाबा की डोली आगे बढ़ी, तो पूरी घाटी भक्तों के जयकारों से गूंज उठी। स्थानीय हक-हकूकधारियों और श्रद्धालुओं के भारी उत्साह के बीच उत्सव डोली सुबह लगभग 10:45 बजे मदमहेश्वर मंदिर परिसर पहुंची, जहां फूलों की वर्षा के साथ डोली का भव्य स्वागत किया गया।वैदिक अनुष्ठान और प्रथम दर्शनडोली के मंदिर प्रांगण में विराजमान होने के बाद मुख्य पुजारी श्री शिव शंकर लिंग एवं वेदपाठियों ने कपाट खोलने की धार्मिक प्रक्रिया शुरू की। गर्भगृह के द्वार खुलते ही सबसे पहले भगवान के स्वयंभू लिंग की विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया। कपाट खुलने के पहले ही दिन करीब 1,135 श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर बाबा मद्महेश्वर के स्वयंभू रूप के दर्शन किए और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।प्रशासन और मंदिर समिति की मुस्तैदीमद्महेश्वर धाम अपनी अलौकिक आध्यात्मिक आभा के साथ-साथ अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति के लिए भी जाना जाता है। इसे देखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ठहरने, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि ट्रैक कर रहे तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।इस पावन अवसर पर मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रहलाद पुष्पवान, डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, गोण्डार के ग्राम प्रधान अनूप पंवार, पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवानंद पंवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और हक-हकूकधारी मौजूद रहे।