हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य कर (State Tax) विभाग ने हरिद्वार में टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIV) की टीम ने सिडकुल क्षेत्र की दो बड़ी निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर मौके पर ही 2.35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी और उसे तुरंत वसूल किया। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से टैक्स चोरों और डिफॉल्टर्स में हड़कंप मच गया है।खुफिया इनपुट के बाद हुई छापेमारीराज्य कर विभाग के अधिकारियों को पिछले काफी समय से इन फर्मों द्वारा बड़े पैमाने पर जीएसटी (GST) चोरी किए जाने की खुफिया जानकारी मिल रही थी। पुख्ता इनपुट और डेटा एनालिसिस के आधार पर कमिश्नर के निर्देश पर SIV की संयुक्त टीम का गठन किया गया।बुधवार और गुरुवार को टीम ने हरिद्वार के सिडकुल स्थित दोनों औद्योगिक इकाइयों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।मौके पर ही सरेंडर की रकमजांच के दौरान अधिकारियों को फर्मों के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में भारी गड़बड़ियां मिलीं। जब अधिकारियों ने सबूतों के साथ फर्म मालिकों को घेरा, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली।कुल वसूली: दोनों फर्मों से मौके पर ही 2.35 करोड़ रुपये जमा करवाए गए।आगे की कार्रवाई: विभाग अब इन फर्मों के पिछले कुछ सालों के पूरे बही-खातों और आईटीसी (ITC) क्लेम की बारीक जांच कर रहा है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।”टैक्स चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली फर्मों पर लगातार नजर रखी जा रही है। डेटा एनालिटिक्स और एआई (AI) टूल्स की मदद से संदिग्ध मिसमैच को पकड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी फर्में फर्जी बिलिंग या टैक्स चोरी में लिप्त पाई जाएंगी, उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।नोट: हरिद्वार और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में आने वाले दिनों में विभाग कुछ और बड़ी फर्मों पर भी शिकंजा कस सकता है, जिसके लिए संदिग्ध प्रोफाइल्स की स्क्रूटनी तेज कर दी गई है।