Rudraprayag। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। एसपी नीहारिका तोमर के नेतृत्व में गठित “साइबर फ्रॉड कॉम्बैट फोर्स” ने हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले 265 फर्जी प्लेटफॉर्म्स पर कड़ा शिकंजा कसा है।सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ी स्ट्राइकयात्रा सीजन के दौरान साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए भोले-भाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। पुलिस की साइबर सेल ने इस जाल को तोड़ने के लिए व्यापक कार्रवाई की है:फेसबुक और इंस्टाग्राम: पुलिस ने 111 संदिग्ध फेसबुक पेजों को चिन्हित किया, जिनमें से 106 पेज हटा दिए गए हैं। साथ ही 16 इंस्टाग्राम अकाउंट्स की भी सघन जांच की जा रही है।मोबाइल नंबर ब्लॉक: ठगी में इस्तेमाल हो रहे 110 मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया गया, जिनमें से 55 नंबर तुरंत ब्लॉक कर दिए गए हैं और बाकी पर प्रक्रिया जारी है।बैंक खातों पर शिकंजा: जांच के दायरे में आए 6 संदिग्ध बैंक खातों में से एक को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है, ताकि ठगी की रकम का लेनदेन न हो सके।फर्जी वेबसाइट्स: हेली बुकिंग के नाम पर चल रही 22 संदिग्ध वेबसाइट्स के खिलाफ डोमेन रजिस्ट्रार को रिपोर्ट भेजी गई है ताकि उन्हें बंद किया जा सके।”श्रद्धालु केवल अधिकृत वेबसाइट से ही हेली टिकट बुक करें। किसी भी सोशल मीडिया विज्ञापन या अनजान लिंक के झांसे में न आएं। पुलिस साइबर अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ काम कर रही है।”— नीहारिका तोमर, एसपी रुद्रप्रयागश्रद्धालु कैसे बचें ठगी से?प्रशासन ने अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। केदारनाथ हेली सेवा की बुकिंग केवल सरकार द्वारा अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही की जानी चाहिए।रुद्रप्रयाग पुलिस की इस सक्रियता से उम्मीद है कि इस बार यात्रा सीजन में साइबर ठगी की घटनाओं में भारी कमी आएगी और श्रद्धालुओं का सफर सुरक्षित रहेगा।