कीर्तिनगर : अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आज भारी बारिश के बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी तनख्वाह (मानदेय) में सम्मानजनक वृद्धि नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगी।बारिश भी नहीं रोक पाई आक्रोशसुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां धरना स्थल पर डटी रहीं। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में उन्हें मिलने वाला मानदेय ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ समान है।इन कार्यों के बहिष्कार की दी चेतावनीयूनियन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में निम्नलिखित कार्य पूरी तरह बाधित रहेंगे:पोषण ट्रैकर ऐप: डिजिटल एंट्री और डेटा फीडिंग का काम बंद कर दिया जाएगा।BLO ड्यूटी: चुनाव संबंधी बीएलओ कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।क्षेत्रीय गतिविधियां: केंद्रों में दी जाने वाली अन्य सरकारी सेवाओं को भी रोक दिया जाएगा।”हमसे दिन-रात काम लिया जाता है, लेकिन जब उचित वेतन की बात आती है तो सरकार चुप्पी साध लेती है। अब आश्वासन नहीं, सीधा समाधान चाहिए।” — जिला अध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठनप्रमुख मांगें:मानदेय में वृद्धि कर उसे न्यूनतम वेतन के दायरे में लाया जाए।पोषण ट्रैकर के लिए उचित संसाधन और बेहतर इंटरनेट भत्ता मिले।बीएलओ कार्य के बदले अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान हो।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक बड़े प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।