रुद्रपुर (उत्तराखंड): सीबीएसई 10वीं बोर्ड के नतीजों ने इस बार उत्तराखंड का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है। रुद्रपुर की होनहार छात्रा हर्षा ने परीक्षा में 100% अंक (500 में से 500) प्राप्त कर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने देवभूमि को गौरवान्वित कर दिया है।स्कूल और परिवार में जश्न का माहौलपरिणाम घोषित होते ही हर्षा के स्कूल और घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। शिक्षकों और सहपाठियों ने मिठाई बांटकर इस अभूतपूर्व सफलता का जश्न मनाया। स्कूल प्रबंधन ने हर्षा की उपलब्धि को समर्पण और निरंतर प्रयास का सुखद परिणाम बताया है।”यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे हर्षा का साल भर का कड़ा परिश्रम और पढ़ाई के प्रति उसकी गंभीरता है।” — स्कूल प्रशासनबिना कोचिंग के हासिल किया मुकामआज के दौर में जहां छात्र महंगी कोचिंग और ट्यूशन पर निर्भर रहते हैं, वहीं हर्षा ने एक नई मिसाल पेश की है। हर्षा की सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के यह मुकाम हासिल किया।सेल्फ स्टडी पर भरोसा: हर्षा का मानना है कि सही दिशा में किया गया स्व-अध्ययन (Self-study) और नियमित अभ्यास किसी भी बड़े संस्थान के मार्गदर्शन से कम प्रभावी नहीं होता।अनुशासन: सीमित संसाधनों के बावजूद हर्षा ने अपनी एकाग्रता भंग नहीं होने दी।भावुक हुए परिजनबेटी की इस ऐतिहासिक जीत पर हर्षा की मां काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “हर्षा बचपन से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर रही है। यह उसकी वर्षों की तपस्या का फल है। आज हमें अपनी बेटी पर गर्व है।”प्रेरणा का स्रोत बनीं हर्षाहर्षा की यह उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए एक प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का हवाला देकर अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची, तो 500 में से 500 का सफर नामुमकिन नहीं है।